सृष्टि के प्ररंभ की स्मृतियाँ लिए, माँ दुर्गा की साधना प्रारम्भ कराते हुए, राम राज्याभिषेक का स्मरण सँजोए युग परिवर्तन की साक्षी, शक हूणों जैसे आक्रांताओं को समाप्त