वर्ष प्रतिपदा (संवत 2069) और आध्य सरसंघचालक प्रणाम

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सृष्टि के प्ररंभ की स्मृतियाँ लिए, माँ दुर्गा की साधना प्रारम्भ कराते
हुए, राम राज्याभिषेक का स्मरण सँजोए युग परिवर्तन की साक्षी, शक हूणों
जैसे आक्रांताओं को समाप्त कर विक्रमी संवत आरम्भ करने वाले चक्रवर्ती
सम्राट विक्रमादित्य का तेज लिए, संत झूलेलाल का अवतरण उत्सव मनाते आर्य
समाज-स्थापना का स्मरण कराते और संघ संस्थापक डा० हेडगेवार के जन्मदिवस
की स्मृतियाँ बिखेरते हुए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नव संवत की नवल
रश्मियाँ हिन्दू राष्ट्र के तेज को प्रखरता प्रदान कर के वसन्त की मनोरम
छटा को मंगलमय बना रही हैं…. ऐसे पावन अवसर को हम नयी ऊर्जा और नए
उत्साह के साथ नववर्ष के रूप मे मनाते हैं। २३ मार्च २०१२ को प्रारम्भ
हो रहे नववर्ष का उत्सव(अवकाश होने के कारण २५-०३-१२ को) नगर स्तर पर
पूरे देश मे मनाया गया। वैशाली महानगर के अंतर्गत 11 स्थानों पर हुए आदि
सरसंघ चालक प्रणाम और वर्ष प्रतिपदा कार्यक्रम मे लगभग 1200 से अधिक
स्वयंसेवकों ने अपनी आदि सरसंघचालक प्रणाम किया और महान विभूतियों को याद
किया। अनेक नगरों मे 20 स्थानों पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे लगभग
7000 से अधिक लोगों ने उत्साह और उमंग के साथ नवसंवत्सर का स्वागत किया।

 

आध्य सरसंघचालक प्रणाम-
संख्या- 1200
स्थान- 11 स्थानों पर (नगर स्तर पर)
सांस्कृतिक कार्यक्रम –
संख्या- 7000
स्थान – 20 स्थानों पर

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