व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला है संघ की शाखा – संघ परिचय वर्ग में बोले श्री अजय मित्तल

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Sangh Parichay Varg- २३ अप्रैल रविवार का दिन सायं 5  बजे से पहले से ही ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से संपर्क में आए नए स्वयंसेवक तपती धुप का सीना चीरते हुए  इन्द्रपुराम स्थित ऑरेंज काउंटी के उल्टा घर क्लब हॉउस के हॉल में पहुँचने लगे | ठीक 5.30 पर दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ|

संघ परिचय वर्ग

सर्वप्रथम सभी नए स्वयंसेवको को वृतचित्र “स्वयमेव मृगेन्द्रता” के माध्यम से संघ का संक्षिप्त परिचय कराया गया और फिर मुकेश जी व् प्रदीप जी द्वारा वैशाली महानगर में चल रहे संघ के विभिन्न आयाम व् सेवा कार्य की जानकारी दी गयी| ततपश्च्यात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मेरठ प्रान्त के सह-प्रान्त प्रचार प्रमुख अजय मित्तल जी के द्वारा संघ के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी |

sangh parichay varg

अजय जी ने संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि का वर्णन करते हुए बताया कि डॉ हेडगेवार ने अत्यंत संघर्ष व्  चिंतन करने के पश्च्यात संघ की स्थापना की थी | क्यों सिर्फ २ लाख के करीब अंग्रेजो ने ३० करोड़ भारतवासियो पर राज किया ? क्यों भारतवासी अपने गौरवशाली इतिहास को भूलकर कभी बाबर, तो कभी मुग़ल, कभी अंग्रेजो की गुलामी करने लगे ? स्वतंत्रता आंदोलन में संघ की क्या भूमिका रही ? संघ किस प्रकार से समाज के सभी वर्गों को जोड़ कर छुआ-छूत की बीमारी को दूर करने में लगा है? गाँधी जी व् डॉ अंबेडकर के संघ के बारे में क्या विचार थे ? संघ के स्वयंसेवको में किस प्रकार से दैनिक शाखा के माध्यम से निश्वार्थ भाव से राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पण करने का भाव जागृत होता है ? देश में विपदा की घड़ी में संघ के स्वयंसेवक किस प्रकार सेवा के लिए तत्पर रहते है ? जैसे अनेको विषयो की जानकारी अजय जी ने अपने उद्बोधन के माध्यम से दी | सभी युवाओ  अजय जी के विचारो को तन्मयता पूर्वक सुना |

संघ परिचय वर्ग

कार्यकम के अंतिम सत्र में आगंतुक बंधुओ के जिज्ञासा समाधान भी किया गया | अंतिम में प्रार्थना के साथ समापन हुआ और फिर जलपान के पश्च्यात सभी ने प्रस्थान किया |

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