विद्यार्थी स्वयंसेवको का चित्रकूट एवं प्रयाग में वनविहार कार्यक्रम 2017

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वैशाली महानगर की विद्यार्थी कार्यकारिणी का 4 दिवसीय (२० अप्रैल से २३ अप्रैल तक)  वनविहार, भगवान राम की कर्मभूमि व् राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख द्वारा स्थापित दीनदयाल शोध संस्थान से शुरू होकर हुतात्मा चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान स्थल, प्रयाग पर प्रार्थना के साथ सम्पन्न हुआ।

कुल 45 युवा, जो संघ शिक्षा वर्ग हेतु चयनित है तथा विद्यार्थी कार्यकारिणी के बंधू इसमें सम्मिलित थे। सभी के अनुभव कथन शानदार रहे कुछ ने अनुशासन भरी मस्ती का उल्लेख किया तो कुछ ने शुद्ध सात्विक प्रेम से युक्त वातावरण की बात की, वही अपनी आस्था दृढ हुई ऐसा भी विचार नए बंधुओ का रहा।

चित्रकूट में राष्ट्रऋषि श्रद्धेय नाना जी देशमुख द्वारा ग्रामोदय की कल्पना को साकार करता दीनदयाल शोध संस्थान,एवम ग्रमीण युवकों को स्वावलम्बन प्रदान करने वाला उद्यमिता पीठ, प्रभु श्री राम के पुरुष से पुरुषोत्तम बनने की जीवंत गाथा प्रकटाता तैलीय चित्रों एवम स्कलपचर्स माध्यम से बना “रामदर्शन” देखना एक सुखद एवम गौरवमयी अनुभव था।

वहीँ पवित्र कामद गिरि पर्वत की परिक्रमा, गुप्त गोदावरी,सती अनुसुइया का मंदिर,मन्दाकिनी उद्गम स्थल का दर्शन मानो, आध्यात्मिक गंगोत्री मे डुबकी के समान रहा।

प्रयाग में गंगा यमुना सरस्वती के पवित्र संगम के किनारे शाखा, प्रयाग की टीम के साथ कबड्डी प्रतियोगिता, पौराणिक अक्षय वट का दर्शन, शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान स्थल का दर्शन रोमांचित करने वाला रहा। त्रिवेणी (संगम)के पावन तट पर स्नान से सभी स्वयंसेवक अभिभूत हो गए।संगम पर लेटे हुए हनुमान जी का दुर्लभ दर्शन का भी सौभाग्य सभी को मिला।

वनविहार से वापस आकर विद्यार्थी स्वयंसेवक पूरी ऊर्जा से अपने अपने क्षेत्र में संघ कार्य विस्तार में लग गए।

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