डॉ हेडगेवार का समग्र जीवन अस्पृश्यता को समाज से मिटाने के लिए संघर्ष करने में बीता – बलदेव भाई शर्मा

Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn

Varsh Pratipada Karyakram 2017, डॉ हेडगेवार का समग्र जीवन अस्पृश्यता को समाज से मिटाने के लिए संघर्ष करने में बीता। उन्होंने जाति, पंथो से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने वाले घटको पर बल दिया और बिखरे हुए समाज को संगठित कर राष्ट्र को सबल बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पण कर दिया । ये कथन थे नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन श्री बलदेव भाई शर्मा के, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्धारा आयोजित वर्ष प्रतिपदा के कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवको को संबोधित कर रहे थे।

varsh pratipada 01

आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वैशाली महानगर साहिबाबाद द्धारा नव वर्ष एवं संघ संस्थापक व् प्रथम सर संघचालक डॉ के.ब.हेडगेवार के जन्म दिवस पर ट्रांस हिण्डन के पांच स्थानों पर शालीमार गार्डन, लाजपतनगर, इंदिरापुरम, सूर्यनगर, और खोड़ा में वर्ष प्रतिपदा का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे संघ के फुल यूनिफार्म में 2300 से अधिक स्वयंसेवको ने भाग लिया।    

varsh pratipada 01

वर्ष प्रतिपदा उत्सव संघ के प्रमुख छः उत्सवों में से वर्ष का प्रथम उत्सव है और वर्ष में सिर्फ इसी दिन आध्य सर संघचालक प्रणाम भी होता है और संघ द्धारा पुरे भारतवर्ष में उल्लेखनीय कार्यक्रम होते है।  

varsh pratipada 01

सूर्यनगर के कार्यक्रम में संघ के अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य श्री आनंद कुमार जी उपस्थित रहे, उनको सभी स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व का सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक संवत भारतीय विक्रम संवत है और इसकी काल-गणना खगोल विज्ञानं पर आधारित है। यह नव-वर्ष पुरे भारतवर्ष में अलग अलग नामो से मनाया जाता है, पंजाब में वैशाखी, बंगाल में पोहला वैशाख, आंध्रप्रदेश में उगादी, तमिलनाडु में पोंगल, महाराष्ट्र में गुड़ी परवा के नाम से मनाया जाता है। वास्तव में विक्रम संवत का नव-वर्ष ही पुरे भारतवर्ष को पश्चिम से पूर्व और उत्तर से दक्षिण तक जोड़ता है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में सभी स्वयंसेवको ने सामूहिक व्ययामयोग का प्रदर्शन भी किया।

Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn